ज़िंदगी का सफर - 💞हमसफ़र के साथ💞 "भाग 20"
किआरा, सुमित्रा जी, पायल जी और बाकी सभी औरतो के साथ बैठ कर पूजन करती है ।
पूजन, फिर करवा चौथ की व्रत कथा और आरती मे रात के लगभग आठ बज जाते है, सभी औरते आरती कर बाहर गार्डन में ही बैठकर चांद के निकलने का इंतज़ार करने लगती है, सुमित्रा जी चारो तरफ देखती है तो उन्हे इवान कही नजर आता तो वो सुजीत जी के पास जाती है और उनसे पूछती है
सुमित्रा जी :- जी इवान अभी तक नहीं आया कुछ काम था क्या उसे
सुजीत जी :- आता ही होगा सुमित्रा आप चिंता ना करे, ऑफिस में थोड़ा सा काम था, रुकिए मैं उससे अभी कॉल करके पूछ लेता हु
सुजीत जी इवान को फोन करते है तब इवान कार में बैठ ही रहा था, इवान सुजीत जी का कॉल देखकर उठाता है और पूछता है
इवान :- जी पापा कहिये
सुजीत जी :- इवान बेटा कहा है आप, घर कब तक आओगे
इवान :- जी बस पापा मैं ऑफिस से निकल ही रहा हु आधे घंटे में पहुंच जाऊंगा
सुजीत जी :- ओके बेटा जल्दी आओ सब यहां तुम्हारा इंतज़ार कर रहे है ।
इवान :- ओके पापा आता हु
इतना बोलकर इवान फोन कट कर देता है और कार में बैठकर निकल जाता है ।
इधर कुछ दर बाद चांद निकल आया तो सभी औरते चांद की पूजा करने लगी, फिर अपने अपने पति का चेहरा देख उनकी आरती की ।
हाथों में पूजा की थाली,
आई रात सुहागों वाली
ओ चाँद को देखूं,
हाथ मैं जोड़ूं,
करवा चौथ का
व्रत मैं तोड़ूं
तेरे हाथ से पीकर पानी,
दासी से बन जाऊँ रानी
आज की रात जो मांगे कोई वो पा जाए रे
सारी औरतो के व्रत समापन के बाद सभी वही खाना खाने लगी, किआरा ने भी जबरदस्ती सुमित्रा जी और पायल जी और बाकी घरवालों को खाने के लिए बिठा दिया और खुद इवान का इंतज़ार करने लगी ।
आध्या उन सब के बीच से उठकर अंदर गई और एक थाल लेकर छत पर गई क्युकी आध्या ने भी सभी से छिपाकर दर्श के लिए व्रत रखा था, उसने वहा जाकर चांद की पूजा की फिर अपने मोबाइल में दर्श को फोटो देख उसकी आरती करके व्रत तोड़ा और चुप चाप नीचे आ गई, उसे लगा उसे किसी ने नहीं देखा लेकिन ये उसकी गलतफहमी थी, दो जोड़ी आँखे उसे लगातार देखे जा रही थी, और जैसे ही आध्या गई वो इंसान भी गायब हो गये ।
सारी औरते और उनके परिवार वाले खाना खाकर अपने अपने घर चले गये, घर के सभी लोगो ने भी खाना खाया तो किआरा ने दादी को आराम करने और बच्चों को आध्या के साथ में सुलाने के लिए रूम में भेज दिया
अब गार्डन में सुजीत जी, अजय जी, सुमित्रा जी, पायल जी और घर के सभी बच्चे वही बैठे बाते कर रहे थे
इन सब में रात के लगभग दस बज चुके थे लेकिन इवान अभी तक आया नहीं था तो सबने उसे कॉल लगाया लेकिन पहले उसका मोबाइल नोट रिचेबल बता रहा था और अब बंद आने लगा तो सभी परेशान हो गये, सुजीत जी ने ऑफिस में फोन लगाकर पूछा तो वहा से जबाब आया की इवान बहुत पहले निकल चुका था, सभी सोचने लगे की अगर इवान पहले ही निकल चुका था तो अब तक आया क्यू नहीं, जब थोड़ी देर और इंतज़ार करने के बाद भी इवान नहीं आया तो सुजीत जी, अजय जी और अध्विक इवान को ढूंढने चले गये, उनके जाने के बाद सुमित्रा जी ने किआरा से फोटो देखकर व्रत तोड़ने को कहा तो उसने ये कहकर मना कर दिया की जब तक इवान जी नहीं आते वो अपना व्रत नहीं तोडूंगी, इतना बोलकर किआरा घर के अंदर चस्ली गई और मंदिर में जाकर भगवान के आगे दीपक जलाया और हाथ जोड़कर बैठ गई ।
किआरा की बात सुनकर किसी ने कुछ नहीं कहा बस बेसब्री से इवान का इंतज़ार करने लगे ।
" ओ ..कान्हा
ओ कान्हा अब तो मुरली की
मधुर सुना दो तान
ओ कान्हा अब तो मुरली की
मधुर सुना दो तान
मैं हूँ तेरी प्रेम दिवानी
मुझको तु पहचान
मधुर सुना दो तान..
ओ कान्हा अब तो मुरली की
मधुर सुना दो तान
जब से तुम संग मैंने अपने
नैना जोड़ लिये हैं
क्या मैया क्या बाबुल
सबसे रिश्ते तोड़ लिए हैं
तेरे मिलन को व्याकुल हैं
ये कबसे मेरे प्राण
मधुर सुना दो तान..
ओ कान्हा अब तो मुरली की
मधुर सुना दो तान
सागर से भी गहरी
मेरे प्रेम की गहराई
लोक लाज कुल की मरियादा
सज कर मैं तो आई
मेरी प्रीती से ओ निर्मोही
अब ना बनो अनजान
मधुर सुना दो तान..
ओ कान्हा अब तो मुरली की
मधुर सुना दो तान
मैं हूँ तेरी प्रेम दिवानी
मुझको तुम पहचान
मधुर सुना दो तान..
मधुर सुना दो तान.. "
कुछ देर बाद सुजीत जी, अजय जी और अध्विक भी घर आ गये लेकिन इवान का कही पता नहीं चला बस उन्हे रास्ते में सुनाई आया की किसी का एक्सीडेंट हुआ है आधे घंटे पहले, लेकिन उन्होंने उस बात पर ध्यान नहीं दिया और वापस घर आ गये, लेकिन अब अध्विक के मन में उसी एक्सीडेंट की बाते चलने लगी, इ्सलिए वो मैं अभी आया कहकर फिर से बाहर चला गया ।
सुजीत जी और अजय जी दोनो अंदर आये उन दोनो को अकेले आये देख अब सब डर गये लेकिन फिर भी सुमित्रा जी आगे आते हुए बोली
सुमित्रा जी :- इवान कहा है सुजीत जी, अजय भैया आप तो बताइये इवान कहा है, आप दोनो उसे लेकर क्यू नहीं आये, देखिये मुझे बहुत डर लग रहा है आप दोनो कुछ तो बोलिये
इतना बोलकर सुमित्रा जी रोने लगी तो पायल जी ने उन्हे संभाला, फिर अजय जी बोले
अजय जी :- भाभी आप चिंता मत कीजिये सब ठीक है इवान भी मिल जायेगा हम सब फिरसे जाते है इवान को ढूंढ़ने
इतना बोलकर अजय जी बाहर जाने लगे की उन्हे अध्विक दरबाजे पर दिख गया, अध्विक अंदर आया और कोई उससे कुछ पूछता या अध्विक कुछ बोलता उससे पहले ही सुजीत जी का फोन बजा, सबने सुजीत जी की तरफ देखा और फुर फोन में फ़्लैश हो रहे नाम को देखा तो सब जल्दी से उनके पास गये, क्युकी कॉल इवान का था
सुजीत जी ने कॉल उठाया और स्पीकर पर डाल दिया कोई कुछ बोलता उससे पहले ही सुमित्रा जी बोली
सुमित्रा जी :- इवान बेटा आप कहा है, अभी तक घर क्यू नहीं आये, हम सबको कितनी टेंशन हो रही थी आप अगर लेट हो रहे थे तो हमे एक बार कॉल करके बता तो दिया होता .........
सुमित्रा जी आगे कुछ बोलती उससे पहले ही सामने से किसी लड़के की आवाज आई, किसी और लड़के की आवाज सुन सब शांत हो गये
To be continued...…...........
Miss Chouhan
11-Nov-2022 11:25 AM
Nice story😊😊😊
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Abeer
27-Oct-2022 02:58 PM
Nice post
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Pratikhya Priyadarshini
27-Oct-2022 01:26 AM
Bahut khoob 💐👍
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